चित्रलेखा कहानी है एक ऐसी बुलंद ख़्यालात, निर्भीक, विवेकशील और शक्ल से भोली-भाली मासूम दिखने वाली लड़की की, जिसे शादी के बाद बड़ा ही सौम्य,जान से भी ज्यादा प्यार करने वाला पति और भरा-पूरा परिवार मिलता है। जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, तभी उसे ग...
चित्रलेखा कहानी है एक ऐसी बुलंद ख़्यालात, निर्भीक, विवेकशील और शक्ल से भोली-भाली मासूम दिखने वाली लड़की की, जिसे शादी के बाद बड़ा ही सौम्य,जान से भी ज्यादा प्यार करने वाला पति और भरा-पूरा परिवार मिलता है। जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, तभी उसे गौरीव नाम के लड़के से प्रेम हो जाता है। संसार और समाज की नजरों में तुच्छ और धृणित समझे जाने वाले इस आत्मीय और पुनीत प्रेम को चित्रा ने कैसे अपने चरित्र पर आँच आये बिना अपने कर्म और विचारों के द्वारा ओजे फलक पर बिठाकर मुक़द्दस बना दिया? इसके साथ ही तमाम तोहमतों और दुश्वरियों के बावजूद भी उसने अपने प्रेम की कैसे अमर और मुक़द्दस इबादत लिखी ? जानने के लिए पढ़े..... 'चित्रलेखा एक मुकद्दस प्रेम कहानी' ।"प्रेम ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।" शास्ता अमर सिंह 'अरमान'