Loading

Sadma (Upanyas)

by Mansa Mohini | 09-Jan-2023

(1)
The sun had not yet set, the amber light was still shining stuck on the distant hilltops. At the same time, the clouds had also started filling you with beauty with many colors. How is this miracle of nature, when you have not seen the changing at...
Price:
Quantity:
(480 available )

Original
Books

Fastest
Delivery

7-day
Replacement

Book Details

  • Language : Hindi
  • Pages : 376
  • ISBN : 9789357045643
  • Genre: FICTION
  • Size : 5" x 8"
  • Binding Type : PAPERBACK
  • Age Group: + Years
  • Paper Type : WHITE PAPER
  • Interior : BLACK & WHITE
  • Cover : MATTE FINISH
  • Book Type : PAPERBACK
  • Tags : Sadma (Upanyas),Fiction
  • Best Sellers Rank :
    #477 in Fiction
    #1789 in Global

Reviews

  • Mansa Mohini

    11-01-2023

    मैंने अपने पूरे जीवन में जो भोगा है। उस सब से यही जाना है। और एक निचोड़ निकाला है, की इस तरह की जितनी भी मानसिक बीमारियां होती है, उनके कारण तो अनेक हो सकते है। परंतु इलाज केवल एक ही है। और वो है ‘’प्रेम’’ और ‘’होश’’ है। होश को हम ऐसे तो प्राप्त नहीं कर सकते परंतु प्रेम को तो हम आदान प्रदान भी कर सकते है। मैंने इस बात को चालीस साल पहले जब मोहनी बीमार थी तब भी महसूस किया था। और आज जब ये लिख रहा हूं तब भी इसे महसूस कर रहा हूं। फिल्म एक अलग माध्यम है। परंतु उपन्यास में एक स्वतंत्रता होती है पाठक के मन में वह अपनी कल्पना के पंखों पर बैठ कर एक आनंद सागर में विचरण कर सकता है। जैसे आपकी मनोदशा और मेरी मनोदशा एक समान नहीं है। आप को और मुझे जो पढ़ने को दिया जायेगा वह समय और स्थान के अनुसार भिन्न प्रभाव दिखलायेगा। पाठक शायद इतने लम्बें अंतराल के बाद इस कहानी के कुछ पहलुओं से वंचित रह सकते है। क्योंकि आज का युवा समझ ही नहीं सकता की 1978 में जब हम एक संदेश पत्र के द्वारा भेजते थे तो उसका जवाब आने में कम से कम 15 दिन लग जाते थे। परंतु वो प्रेम वो दर्द वो शिकायत जो शब्दों में जब वहां पहुंचती थी। मनसा-मोहनी दसघरा