Stories By Ankit
दीवारों में दफन चीख।
- Author Ankit
इस समाज में औरत को बचपन से लेकर अपनी आखरी सांस तक जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा दिया जाता है, उसको अपना चरित्र प्रमाण पत्र हमेशा संभाल कर रखना होता है, और शादी के बाद का जीवन तो अनुमानत: औरतों का संघर्ष में ही बीत जाता है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी
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दीवारों में दफन चीख।
- Author Ankit
हमारे इस पुरुष प्रधान समाज में औरत को दबाने की दोड चिरकाल से ही रही है। 1# चिरकाल की दास्तां 2# किशोरवस्था 3# शादी नही घुटन 4# अनहोनी, गिद्ध जैसी आंखे 5# संघर्ष ही जीवन बन जाता है।
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