मैं कहता हूं खुद से ही कि चल कहीं दूर चलें, फिर सोचता हूं खुद में ही, कि इस अंजान दुनिया में ही, क्यों ना खुद से खुद की पहचान करें।। खोये सहमे इंसान में भी एक नई उमंग और जान भरें, इस अंजान दुनिया में ही, क्यों ना खुद से खुद की पहचान करें।।
- Total Chapters: Chapters.
- Format: Stories
- Language: Hindi
- Category: Other (Books)
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- Published Date: 02-Dec-2023
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Tanu
02-Dec-2023
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