शब्द थे, समय था, कलम थी, कलम में स्याही गाढ़ी थी कभी नीली, कभी लाल, कभी हरी, जैसे रंगों की खाड़ी थी इस अनूठे संमिश्रण से इक तूफान मचलता था ऐसे में इस कलम से एक कलाम निकलता था
- Total Chapters: 1 Chapters.
- Format: Stories
- Language: Hindi
- Category: Language, Linguistics & Writing
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- Published Date: 16-Aug-2022
Chapter 1
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