Stories By Devanand
दिले जब़ाँ
- Author Devanand
आज को पाने मे कल मत खोना .कियोंकी सुरज तो रोज निकलता है..जैसा अभी आज है ..वो कल न होगा..हर पल..पल मे बदल है..अंधरी रात के बाद ही उजाला आता है.सुरज तो रोज निकलता है.कल को मूशकीलो मे गुजार बैठा है..बीती सो यबिसार दे आने हर पल को सवार दे. मंजिल की अब फ
- 262
- (0)
- 0

English
+91-8882
898 898
+44
20 80892646
French